Tuesday, 20 January 2009

Mulakat

समेट्लो सितारों को हाथों में अपने , बहुत दूर तक रात ही रात होगी ।
हम भी मुसाफिर हैं तुम भी मुसाफिर हो ,कही न कही फ़िर मुलाकात होगी .

(जगदीप गोस्वामी )

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