Wednesday, 21 January 2009

आशिक

आशिक कभी मरते नहीं , जिन्दा दफनाये जाते हैं।
कब्र खोदकर देखो तो, महबूबा के इंतजार मैं पाए जाते हैं।
मुहब्बत के दुश्मन कहते हैं ,की इन्हें जलादों दफ्नादो ।
मगर कोई यों नही कहता कि इसे इसकी महबूबा से मिलादो .

(जगदीप गोस्वामी)

Tuesday, 20 January 2009

मुहब्बत करना किसी के बस में नहीं होता ,
किसी को यादकरके कोई यूं ही नहीं रोता
मिलते हैं बिछ्ढ़ते हैं लाखों चेहरे हर रोज
हर किसी को कोई यादों में नहीं संजोता
हम आपको याद करते हैं , कारन हमें नहीं पता
कब होगा फ़िर से दीदार कहाँ कब बता
सोचता हूँ आज भी ये सब कैसे हुआ
इसमें किसका था दोष और किसकी थी खता
[मुनीश शर्मा]

Yaden

मासूम सी नजर थी ,चेहरा गुलाब था ।
आँखों मैं शायरी थी ,हुस्न लाजबाब था
करती थी सितम मुझ पर ,उसकी हर एक अदा ।
मुस्कान थी निराली , न कोई जबाब था ।
मासूम सी नजर थी -------
अंगडीयां थी लेती तो सिहरन सी दौड़ जाती ,
वो नूर था गुलशन का या कोई शबाव था।
मासूम सी नजर थी -------
(जगदीप गोस्वामी )

Mulakat

समेट्लो सितारों को हाथों में अपने , बहुत दूर तक रात ही रात होगी ।
हम भी मुसाफिर हैं तुम भी मुसाफिर हो ,कही न कही फ़िर मुलाकात होगी .

(जगदीप गोस्वामी )